यौन शोषण का केस वापस न लेने पर छात्रा को भविष्य खराब करने की धमकी

यौन शोषण का केस वापस न लेने पर छात्रा को भविष्य खराब करने की धमकी


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यौन शोषण का केस वापस न लेने पर छात्रा को भविष्य खराब करने की धमकी | #TejasToday

लखनऊ, (पीएमए)। केजीएमयू फार्माकोलॉजी विभाग में एमडी छात्रा का यौन शोषण का मामला फिर से तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित छात्रा पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रा का भविष्य खराब करने की धमकी दी जा रही है। विशाखा कमेटी की जांच एक साल बाद भी पूरी नहीं हुई है। डरी-सहमी छात्रा ने शुक्रवार को केजीएमयू कुलपति को पत्र भेजकर दर्द बयां की है। इंसाफ की गुहार लगाई है।

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फार्माकोलॉजी विभाग में एमडी की छात्रा ने पिछले साल प्रवेश लिया था। आरोप हैं कि एक रिसर्च एसोसिएट ने छात्रा को कमरे में बुलाया। यौन शोषण की कोशिश की। सबसे पहले पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस में की। मामला कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर केजीएमयू में विशाख कमेटी गठित हुई। पीड़िता ने कुलपति को पत्र लिखकर फारियाद की है। पत्र में पीड़िता ने कहा है कि नियमानुसार तीन महीने में विशाखा कमेटी को जांच पूरी करनी चाहिए। एक साल बीतने को है। अभी तक जांच पूरी नहीं हुई। जांच की प्रति भी मुझे मुहैया नहीं कराई गई। यही नहीं विभाग के शिक्षक मिलकर परेशान कर रहे हैं। इसी माह एमडी की परीक्षाएं हैं। जिसमें फेल करने की धमकी दी जा रही है।
सहपाठियों को भी परेशान किया जा रहा पत्र में छात्रा ने आरोप लगाया है कि शिक्षक लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। एमडी कोर्स से इस्तीफा देने को कह रहे हैं। धमकियों के बीच पढ़ाई कर पाने में अड़चन आ रही है। छात्रा ने पत्र में कहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान है। पत्र में पीड़िता ने कहा कि बीमारी की वजह से वह कुछ समय विभाग नहीं आ सकी। इसकी सूचना विभाग को समय पर मुहैया कराई। इलाज संबंधी दस्तावेज भी दिए। फिर भी नोटिस थमा दी गई। यही नहीं मेरे सहपाठियों को भी परेशान किया जा रहा है।
फार्माकोलॉजी विभाग की एक छात्रा का शिकायती पत्र मिला है। पत्र के आधार पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही व शिथिलता नहीं बरती जाएगी। पीड़ित तैयारी कर परीक्षा दे। उसके साथ नाइंसाफी नहीं होगी।


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सर्वाधिक पढ़ा जानें वाला जौनपुर का नं. 1 न्यूज पोर्टल वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जेल बंदियों को दी गयी विधिक जानकारी | #TejasToday जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एमपी सिंह के संरक्षण व कुशल निर्देशन एवं अनुमति से जिला प्राधिकरण के तत्वावधान में बन्दियों को विधिक जानकारी प्रदान करने हेतु मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कारागार का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौम के पर सिविल जज सीडि/प्रभारी सचिव मो. फिरोज ने बन्दियों के अधिकार एवं विशेष रूप से महिला बन्दियों के लिए नालसा द्वारा चलायी जा रही योजना के बारे में बताया। साथ ही नालसा की योजना के अनुरूप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गरीब, असहाय एवं निर्बल वर्ग के अक्षम व्यक्तियों को प्रदान करायी जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया। उन्होंने बन्दियों को बताया कि उपरोक्त प्रकार के बन्दी जेल अधीक्षक अथवा जेल लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से जिला प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि विधिक सहायता हेतु किसी बन्दी का प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर अविलम्ब सूचित करना सुनिश्चित करें। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु कोविड-19 के नियमों के पालन हेतु जागरूक किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, अन्य सहकर्मी, जेल पीएलवी एवं पुरूष व महिला बन्दीगण उपस्थित रहे।

कोरोना संक्रमण के चलते 19 सितम्बर तक न्यायिक कार्य ठप्प | #TEJASTODAY मछलीशहर, जौनपुर। स्थानीय तहसील के अधिवक्ताओं ने बैठक कर कोरोना संक्रमण को मद्देनजर 19 सितम्बर तक न्यायिक कार्य ठप्प रखने का निर्णय लिया है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम बिहारी यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को साधारण सभा की बैठक बुलाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुये अधिवक्ता 19 सितम्बर तक न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसील में वादकारियों व अधिवक्ताओं की बढ़ती भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है जिसके कारण संक्रमण का बराबर खतरा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में एहतियात के तौर पर यह निर्णय अति आवश्यक है। बैठक में महामंत्री अजय सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, अशोक श्रीवास्तव, सुरेन्द्र मणि शुक्ला, जगदंबा प्रसाद मिश्र, नागेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, विनय पाण्डेय, हरि नायक तिवारी, वीरेंद्र भाष्कर यादव, मनमोहन तिवारी आदि उपस्थित रहे।

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