पूंजीपतियों के हाथों खेल रही है सरकारः राजेश 

पूंजीपतियों के हाथों खेल रही है सरकारः राजेश 

जौनपुर। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल न होने का प्रमुख कारण पूंजीपतियों का सरकार पर दबाव है। धीरे-धीरे कारपोरेट तय करने लगे हैं कि उनको कौन सी सरकार चाहिये। कौन सी सरकार उनके हितों की रक्षा करेगी। कौन उन्हें लाभ पहुंचायेगी? ये पूंजीपति चुनावों में राजनीतिक दलों के लिये धन मैनेज करते हैं। लॉबिंग करते हैं। मीडिया मैनेज करते हैं। 10 प्रतिशत शिक्षकों कर्मचारियों का अंश एवं 14 प्रतिशत सरकारी धन (जनता के टैक्स का पैसा) एक बड़ी पूंजी जिसको पेंशन के नाम पर कम्पनियों को दिया जा रहा है। ये पैसा सीधे-सीधे ऐसे ही किसी को भी नहीं दिया जा सकता है। ऐसे में पेंशन के नाम पर प्रतिमाह इन कम्पनियों को शेयर मार्केट में पैसा लगाने के लिये सरकार धन उपलब्ध करा रही है। उक्त बातें राजेश सिंह जिला उपाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कही। साथ ही आगे कहा कि जब इन कम्पनियों की कोई जवाबदेही तय नहीं है कि आपको शिक्षक या कर्मचारी को कम से कम इतनी राशि पेंशन में देनी होगी तो कोई भी कम्पनी सरकारी और कर्मचारियों के पैसे से मजे से जुआ (शेयर) खेल सकता है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था से यह लूट जो राजनेताओं और कारपोरेट के बीच के गठजोड़ के कारण हो रही है, पर रोक लग सकती है और सरकारी खजाने और कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को लूटने से बचाया जा सकता है। बशर्ते सरकार की मंशा साफ हो।

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