जौनपुर। खुुुटहन थाना क्षेत्र के एक गाँव में रहस्यमय ढंग से गायब 14 वर्षीय बालक प्रियांशू का छठवें दिन उसी के घर के खंडहर में मिले शव के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। प्रियांशू के पीछे किसी और का हाथ नही बल्कि उसी कि सगी बड़ी बहन ही निकली। हत्या का कारण मोबाइल फोन बना। पुलिस ने नाबालिग बहन को गिरफ्तार कर चलान न्यायालय भेज दिया।

खोजबीन के बाद परिजनों ने दर्ज कराया था मुकदमा

खबर के सम्बन्ध में  मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी सूबेदार यादव का पुत्र प्रियांशू बीते 12 फरवरी को घर से अचानक लापता हो गया था। खोजबीन के बाद स्वजन थाने में तहरीर देकर अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। 19 फरवरी को प्रियांशू का शव उसी के घर में जख्मी हालत में पाया गया। मामला हत्या का होने के चलते पुलिस सक्रिय हो गई। शव को पीएम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट में चोट से मौत की पुष्टि की गई।

पुलिस ने परिजनों से शक के आधार पर की पूछताछ तो सुलझी हत्या की गुत्थी

घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति देख पुलिस को शक पहले ही हो गया था कि हत्यारे का सुराग घरवाला से ही जुड़ा हुआ है। मौके पर लाया गया खोजी कुत्ता कई चक्कर घर के भीतर ही भागता रहा जो पुलिस के शक की पुष्टि कर दिया। शंका के आधार पर पुलिस उसके स्वजनों को एक एक कर हिरासत में लेकर पूछताछ करती रही।थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जगदीश कुशवाहा ने पत्र प्रतिनिधियों को बताया कि आखिर में महिला पुलिस के द्वारा मृतक की नाबालिग सगी बड़ी बहन ब्यूटी यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। कुछ देर तक तो वह पुलिस को गुमराह करती रही। लेकिन ज्यादा देर तक वह झूठ पर पर्दा नहीं डाल सकी। उसने बताया कि वह मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी।इसी बीच वहां प्रियांशू आ गया। वह मोबाइल छीनने लगा। जिसको लेकर दोनों मे मारपीट हो गई। वहीं पड़ा एक ईंट का टुकड़ा उठाकर हमने उसपर जोर से प्रहार कर दिया। चोट लगने से वह बेहोश होकर गिर गया। मैं घर वालों के भय से घबराकर उसे खंडहर में घसीट के लेजाकर उसे मिट्टी की दीवार के पास लिटाकर उसके ऊपर मिट्टी, लकड़ी और ऊपली रख उसे ढक दिया। बाद में शव मिलने पर भी हम घटना को छुपाये रहे।