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कोरोना वायरस से बचाव में मास्क व हैंड सैनिटाइजर की अहम भूमिका

जौनपुर। कोरोना वायरस ने जिस तरीके से पूरे देश में हाहाकार मचा दी है।वही कोरोना वायरस से बचाव में मास्क व हैंड सैनिटाइजर की अहम भूमिका है। इनके महत्व को देखते हुए सूबे की सरकार ने न सिर्फ इन उत्पादों को आवश्यक वस्तु अधिनियम 2020 घोषित किया गया बल्कि कालाबाजारी पर सात साल की सजा भी है। सरकार ने अधिक दाम पर बेचने पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

  • MRP से ज्यादा कीमत पर बेचीं तो होगी कार्यवाही

जरूरी उत्पादों की लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद इसकी कीमत में हुई बेतहाशा वृद्धि रोकी जा सकेगी। जरूरी उत्पाद कानून (असेंशियल कमोडिटी ऐक्ट) के तहत राज्य सरकारों को अब इन उत्पादों की कीमतें तय करने का अधिकार है। अब अगर कोई भी विक्रेता इसे MRP (मैक्सिमम रीटेल प्राइस) से ज्यादा कीमत पर बेचेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने कसी कमर हैण्ड सैनिटाइजर और मास्क की नहीं हो सकेंगी कालाबाजारी

 केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के मद्देनजर मास्क व हैंड सैनिटाइजर की कमी व काला बाजारी की आशंका को देखते हुए इन्हें ‘आवश्यक वस्तु’ घोषित कर दिया है। ये उत्पाद जून तक ‘आवश्यक वस्तु’ बने रहेंगे ताकि इनकी काला बाजारी पर रोक लग सके और किफायती दामों पर उपलब्ध हो सकें।

इसी के मद्देनजर जनपद जौनपुर में कालाबाजारी ना हो इसके लिए जिलाधिकारी जौनपुर दिनेश कुमार सिंह ने के आदेश पर जिला प्रशासन ने मेडिकल स्टोरों पर बिक रहे अवैध मास्क व सेनीटाइजर के लिए गाइडलाइन बनाया है, सभी दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने का आदेश जारी करते हुए, दुकानों और मॉल के बाहर सैनिटाइजर से हाथ धुलने व सैनिटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही प्रवेश करने का आदेश दिया है।