12 positive in 186 sample results

जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने  जानकारी देते हुए बताया कि आज 23 जून को 186 सैमपल के रिजल्ट आये 175 नेगेटिव है व 12 पाज़िटिव है। मुम्बई के 8, दिल्ली एनसीआर के3 है। आज दो डेथ हुई है एक बनारस में प्राइवेट प्राइवेट हॉस्पिटल मांधाता अस्पताल में बनारस में इलाज करा रहा था वही उसका सैंपल हुआ था ।वह रहने वाला जनपद जौनपुर का है इसलिए यहां की आकंड़ों में उसे शामिल किया गया।इसी प्रकार दूसरी डेथ है उसका लड़का दिल्ली से आया था बनारस बीएचयू में अपनी जांच कराई थी वहां आज वह पॉजिटिव घोषित किया गया। प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करा रहा था उसकी डेथ हो गई। क्योंकि जौनपुर का रहने वाला है इसलिए इसको भी जनपद जौनपुर के आंकड़ों में शामिल किया गया* ।आज के 12 को मिलाकर *अब तक 493कोरोना पाज़िटिव हो गये है*।* *27मरीज आज ठीक हो गए* ।
अब 111मरीजों का इलाज चल रहा है। 1 का इलाज इलाहाबाद में ,2 का बनारस में और 108 का जौनपुर में चल रहा है।

आज 437 नए लोगों के भी सैंपल लिये गये। आज के 437 सैमपल मिलाकर अब तक कुल 10024 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं और 8959 लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। अब 1065 नमूनों के रिजल्ट आने शेष हैं।

अब तक जो केसेस पॉजिटिव आए है उनमै 26 ठीक हो कर के घर पहले जा चुके थे और 54 कोरोना पॉजिटिव लोग 30 मई को, 9 पेशेंट 31मई को,1जून को 5 , 2 जून को 1 ,3 जून को 15, 4जून को 1, 6 जून को 10 , 8 जून को 31, 9 जून को 7, 10 जून को 1 , 11 जून को 32 , 12 जून को 20 , 13जून को 26, 14 जून को 3 , 15जून को 1 और 16 जून को 15 ,17 जून को 15 ,18 जून को 6 ,19 जून को 42 और 20 जून को 11 ,22 जून को 17 ,23जून को 27 कोरोना मरीज ठीक होकर घर गए।इस प्रकार कुल *375लोग ठीक हो चुके है* ।

*अब तक 9 लोगों की मृत्यु हो चुकी है*।

*कुल 493 केसेस में 392 केस मुंबई /महाराष्ट्र से आए हुए प्रवासी श्रमिकों के है*,अहमदाबाद से आए हुए 5,और सूरत से आए हुए 14 लोग ,दिल्ली व एनसीआर से आये हुए 35लोग, चेन्नई से 3, दादर नगर हवेली से 2, कोलकाता से 1, रोहतक से 1,, सऊदी अरब से1,देवबंद से आया हुआ 1 व्यक्ति वाराणसी से 1 , बांग्लादेश 1, झारखंड 1, हरियाणा का 1और जौनपुर के 34 लोग।

मुम्बई ,गुजरात आदि बाह्य राज्यों से आए हुए लोगों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है और जितने लोगों में लक्षण है या या संदिग्ध प्रतीत होते हैं क्षय उनका शैंपल लिया जा रहा है उन्हें अलग कर लिया जा रहा है जिससे कि वह लोग गांव में जाकर के संक्रमण को अन्य लोगों में न फैला सके।