जौनपुर। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने  बताया कि आज 13 जून को जौनपुर में क्रोना संक्रमित  व उनके सैंपल  की स्थिति  ।आज  13 जून को 294 सैमपल के रिजल्ट आये 27 पाजिटिव और 267 नेगेटिव हैं। आज  के 27 मिलाकर अब तक 424 कोरोना पाज़िटिव है।

238 मरीज़ हो चुके ठीक।

121लोग पहले ही ठीक हो चुके हैं ,31 लोग 8 जून को ठीक हुए थे 7 लोग आज 9 जून को 1ठीक हुए हैं। 11 जून को 32 लोग ठीक हुए थे और आज 12 जून को 20 लोग और आज 13जून को 26 ठीक हुए हैं और उनको घर भेज दिया गया है।अब तक  कुल 238 ठीक हो चुके हैं। ४की मृत्यु हो चुकी हैं।

ज़्यादातर मरीज़ पीयू के हॉस्टल में स्थापित एल-1 समकक्ष अस्पताल में।

180 लोगों का इलाज आज की तारीख में चल रहा है जिसमें 179 लोग पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हॉस्टल में स्थापित एल-1 समकक्ष अस्पताल में हैं तथा 1 लोग बनारस मेंआज जो 27 पॉजिटिव आए हैं उसमें ३ दिल्ली के हैं 19 लोग मुंबई की हैऔर 1सूरत का शेष 4 स्थानीय है* ।  आज 432नए लोगों के भी सैंपल  लिये गये। आज के 432 सैमपल मिलाकर अब तक कुल 8414लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं और 7156लोगों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है।

1258नमूनों के रिजल्ट आने शेष।

जो केसेस पॉजिटिव आए है उनमै 26 ठीक हो कर के घर पहले जा चुके थे और 54 कोरोना पॉजिटिव लोग 30/5/2020को ठीक हुए हैं और उनको स्वस्थ घोषित करके घर भेज दिया गया था कल और 9 पेशेंट 31/5/2020को ठीक हो गये थे और उन्हें घर भेज दिया गया।1/6/2020को 5 और ठीक हो गए उनको भी घर भेज दिया गया है और 2 जून को 1 कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो गया है और उसे घर भेज दिया गया।3 जून को 15 लोग और  ठीक हो गए हैं उनको घर भेज दिया गया। 4जून को एक पेशेंट और ठीक हो गया है उसे घर भेज दिया गया।आज 6 जून को 10 लोग ठीक हो गए हैं और उनको घर भेज दिया गया।  31लोग 8 जून को ठीक होकर घर गये , 9 जून  को 7 10 जून को 1 ठीक, 11 जून को 32 पेशेंट, 12 जून को 20 पेशेंट और आज 13जून को 26 ठीक होकर घर गए।इस प्रकार कुल 238 लोग ठीक हो चुके है । 424केसेस में 354 केस मुंबई से आए हुए लोगों के है अहमदाबाद से आए हुए 9और सूरत से आए हुए 10 लोग ,दिल्ली व एनसीआर से आये हुए 28 लोग,देवबंद से आया हुआ 1 व्यक्ति वाराणसी आए हुआ 1 व्यक्ति। मुम्बई ,गुजरात से आए हुए लोगों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है और जितने लोगों में लक्षण है या या संदिग्ध प्रतीत होते हैं उनका शैंपल लिया जा रहा है उन्हें अलग कर लिया जा रहा यक्ष है  जिससे कि वह लोग गांव में जाकर के संक्रमण को अन्य लोगों में न फैला सके।